Tomato Flue: छोटे-छोटे बच्चों को बना रहा है अपना शिकार।
टमाटर फ्लू(Tomato Flue) एक तरह का वायरल इंफेक्शन है। इसे टमाटर बुखार भी कहा जाता है। टमाटर फ्लू होने पर बच्चों को अज्ञात बुखार का अनुभव होता है। टमाटर फ्लू का नाम पूरे शरीर में लाल चकत्ते होने के आधार पर पड़ा जो धीरे-धीरे टमाटर के आकार का हो जाता है।
बीमारी के लक्षण - एक संक्रमित बच्चें के लक्षण
1. प्राथमिक लक्षण- इसके प्राथमिक लक्षण चिकनगुनिया के समान होते हैं, जैसे
i).तेज बुखार,
ii).चकत्ते और
iii).जोड़ों में तेज दर्द शामिल हैं।
2. अन्य लक्षण- अन्य लक्षण डेंगू में प्रकट होने वाले लक्षणों के समान हैं, जैसे
i)थकान
ii)मतली
iii) उल्टी
iv)दस्त
v) बुखार
vi)निर्जलीकरण
vii)जोड़ों की सूजन
viii) शरीर में दर्द इत्यादि।
किन उम्र के बच्चों में फैल रही यह बीमारी
5 साल से कम उम्र के बच्चे इस वायरल संक्रमण से जूझ रहे हैं। अभी तक यह संक्रमण सिर्फ 5 साल से कम उम्र के बच्चों को अपना शिकार बना रही हैं।
सबसे पहले कहाँ देखी गई यह संक्रमण
इस संक्रमण की पहचान सबसे पहले केरल के कोल्लम जिले में 6 मई, 2022 को हुई थी और 26 जुलाई, 2022 तक, 5 वर्ष से कम उम्र के 80 से अधिक बच्चों में यह संक्रमण फैलने की सूचना मिली।
केरल के अन्य प्रभावित क्षेत्र की बात करें तो इसमें आंचल, आर्यनकावु और नेदुवथुर हैं। केरल के अलावा , ओडिशा के भुवनेश्वर में भी क्षेत्रीय चिकित्सा अनुसंधान केंद्र द्वारा 26 बच्चों को इस बिमारी से ग्रसित होने की सूचना दी गई है, लेकिन यहाँ अलग बात यह है कि यहाँ संक्रमण से ग्रसित होने वाले बच्चों की संख्या 1-9 साल हैं । अभी तक, केरल, तमिलनाडु और ओडिशा के अलावा, भारत में कोई अन्य क्षेत्र इस वायरस से प्रभावित नहीं हुआ है।
संक्रमण से बचने के उपाय
● अगर किसी भी बच्चे में इस बीमारी के लक्षण नज़र आते हैं, तो उनके माता-पिता को तुरंत बच्चे को नज़दीकी डॉक्टर के पास ले जाकर दिखना चाहिए।
● एक्सपर्ट्स संक्रमित बच्चे के शरीर को अच्छी तरह हाइड्रेट रखने की सलाह देते हैं।
● त्वचा पर हुए छाले और चक्तों को नाखून से नहीं खरोचें। स्वच्छता और हाइजीन का पालन करें।
●संक्रमित व्यक्ति से परिवार के सदस्यों और दोस्तों को दूरी बनाकर रखनी चाहिए।
●बुखार के लंबे समय तक चलने वाले प्रभाव से बचने के लिए रोगियों को उचित आराम करना चाहिए।
संक्रमण का इलाज
इस संक्रमण के लिए अभी कोई विशिष्ट दवा नहीं है। अच्छी और सही देखभाल और आराम की आवश्यकता होती है। तरल पदार्थ का सेवन निर्जलीकरण का मुकाबला करने में मदद कर सकता है। संक्रमित बच्चे को आइसोलेशन में रखने की सलाह दी जाती है। दैनिक गर्म स्नान और संक्रमित बच्चे द्वारा उपयोग किए जाने वाले बर्तन, कपड़े, खिलौने और अन्य वस्तुओं जैसे व्यक्तिगत वस्तुओं को साफ करने से स्वच्छता को बनाए रखा जा सकता है। फफोले को खरोंचने से लक्षण खराब हो सकते हैं।

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